श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र (कुण्डलपुर) कुण्डलगिरि

 भारतवर्ष का ह्रदय स्थल मध्य प्रदेश का एक जिला है “दमोह” I दमोह (जिला मुख्यालय) से लगभग ३५ किलोमीटर दूर पटेरा तहसील में बुन्देखण्ड का शिरर्मोर्य तीर्थ है I “कुंडलपुर” जो की “कुण्डलगिरी” नामक अर्द्धचन्द्राकार पहाड़ियों पर स्थित है

समाचार अपडेट्स

डाउनलोड PDF Book महाबीजाक्षर सम्पन्न विधान दिनांक- 25 दिस.20 से

दिनांक- 25 दिस.20 से 04 जनवरी 21 तक सर्व ऋद्धि सिद्धि सम्पन्न विघ्नविनाशक आत्मशांति प्रदायक महास्तोत्रराज कुमुदचंद्राचार्य द्वारा रचित कल्याणमंदिर की महार्चना विशेषानुष्ठान। जिसके प्रत्येक पद में गूढमंत्र शक्तिसम्पन्न है ऐसे अतिशयकारी स्तोत्र के प्रत्येक

कुंडलपुर में 25 दिसंबर से होगा श्री कल्याण मंदिर पारसनाथ

 महार्चना का सौभाग्य आपको बुला रहा है बुन्देलखण्ड की हृदयस्थली सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुरजी के परम अतिशयकारी बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान के चरणों में संतशिरोमणि आचार्य श्री १०८ विद्यासागरजी महामुनिराज के मंगलआशीर्वाद से-कोरोना महामारी समन के

संपूर्ण विश्व में व्याप्त कोरोना महामारी के क्षय हेतु महाअर्चना

संपूर्ण विश्व में व्याप्त कोरोनामहामारी के क्षय हेतु महाअर्चना●▬ஜ۩इतिहास में प्रथम बार ۩ஜ▬●बुन्देलखण्ड के जनजन के ह्र्दय में विराजमान, परमपूज्य श्री बड़े बाबा के पावन चरण कमल मेंउनकी परम अनुकम्पा एवं….युगश्रेष्ठ, बुंदेलखंड के छोटे बाबाश्रमण

आस्था

” मोक्षमार्ग तो, भीतर अधिक है, बाहर कम
 

आवास व्यवस्था

अन्य सुविधाये

पहुचमार्ग

कुंडलपुर से दमोह (जिला मुख्यालय) से लगभग 35 किलोमीटर दूर पटेरा तहसील में बुन्देखण्ड का शिरर्मोर्य तीर्थ है I कुंडलपुर “कुण्डलगिरी” नामक अर्द्धचन्द्राकार पहाड़ियों पर स्थित है

अतिशय

“सरोवर का, अन्तरंग छुपा क्यों? तरंग वश !”
“– तीर्थंकर क्यों, आदेश नहीं देते, सो ज्ञात हुआ
 

नित्य कार्यक्रम

” मोक्षमार्ग तो, भीतर अधिक है, बाहर कम
 
” :- पूज्य बड़े बाबा जी की नगरी श्री दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र कुंडलगिरी कुण्डलपुर दमोह म.प्र. में आप सभी साधर्मी बन्धुओं का हार्दिक स्वागत, बंदन ,अभिनन्दन है क्षेत्र की बन्दना कर सातिशय पुण्यार्जन कर इस मानव जीवन को सफल बनाये सादर……”

फोटो गैलरी

” मोक्षमार्ग तो, भीतर अधिक है, बाहर कम
 

हमसे संपर्क करें ​

हमसे जुड़ें

कुण्डलपुर

कुण्डलपुर दिव्य शहर दमोह, मध्य प्रदेश से 35 किलोमीटर दूर स्थित है | यह जगह भारत में जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक तीर्थ है। यहाँ बड़े बाबा ( भगवान् ऋषभ देव) की